Login
Lorem ipsum dolor sit amet, consectetur adipiscing elit. Morbi adipiscing gravdio, sit amet suscipit risus ultrices eu. Fusce viverra neque at purus laoreet consequa. Vivamus vulputate posuere nisl quis consequat.
Create an accountLost your password? Please enter your username and email address. You will receive a link to create a new password via email.
पà¥à¤°à¥‡à¤—à¥â€à¤¨à¥‡à¤‚सी के दौरान शरीर के कई हिसà¥â€à¤¸à¥‹à¤‚ में दरà¥à¤¦ महसूस होता है जिनमें से à¤à¤• पेट का ऊपरी हिसà¥â€à¤¸à¤¾ à¤à¥€ है। गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥â€à¤¥à¤¾ के दौरान बढ़ते à¤à¥à¤°à¥‚ण की वजह से पेट के अंगों की पोजीशन बदलने के कारण पेट के ऊपरी हिसà¥â€à¤¸à¥‡ में दरà¥à¤¦ हो सकता है। गैस और अपच की वजह से à¤à¥€ पेट के इस हिसà¥â€à¤¸à¥‡ में दरà¥à¤¦ महसूस होता है। वहीं बायोकेमिकल और मानसिक बदलाव à¤à¥€ पà¥à¤°à¥‡à¤—à¥â€à¤¨à¥‡à¤‚सी के कà¥à¤› लकà¥à¤·à¤£à¥‹à¤‚ जैसे कि पेट फूलने, à¤à¤‚ठन, दरà¥à¤¦ और मतली का कारण बनते हैं। हालांकि, हर महिला में यह लकà¥à¤·à¤£ अलग हो सकते हैं।
आमतौर पर महिलाà¤à¤‚ गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥â€à¤¥à¤¾ में पेट के ऊपरी हिसà¥â€à¤¸à¥‡ में दरà¥à¤¦ होने की शिकायत करती हें। पेट के अंदर à¤à¥à¤°à¥‚ण के बढ़ने, अंगों और ऊतकों के खà¥à¤¦ को कम जगह में à¤à¤¡à¤œà¤¸à¥â€à¤Ÿ करने और इस पà¥à¤°à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ में इन पर दबाव या खिंचाव आने पर असहज महसूस होता है।
इसमें आपको तेज या हलà¥â€à¤•ा दरà¥à¤¦ हो सकता है जो आमतौर पर थोड़ा आराम करने, पोजीशन बदलने या मल तà¥â€à¤¯à¤¾à¤— या गैस पास करने पर ठीक हो जाता है। हालांकि, लगातार या तेज पेट दरà¥à¤¦ किसी अनà¥â€à¤¯ समसà¥â€à¤¯à¤¾ का कारण हो सकता है।
आइठजानते हैं कि गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥â€à¤¥à¤¾ में पेट के ऊपरी हिसà¥â€à¤¸à¥‡ में दरà¥à¤¦ होने का कà¥â€à¤¯à¤¾ मतलब है और गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ महिलाà¤à¤‚ इसे लेकर कà¥â€à¤¯à¤¾ कर सकती हैं।
​कोलेसà¥â€à¤Ÿà¤¾à¤¸à¤¿à¤¸ है वजह
यह पà¥à¤°à¥‡à¤—à¥â€à¤¨à¥‡à¤‚सी में होने वाली à¤à¤• आम लीवर समसà¥â€à¤¯à¤¾ है जो लीवर में पितà¥à¤¤ के कम रिलीज होने की वजह से होती है। लीवर में पितà¥à¤¤ जम जाता है जिससे यह अंग ठीक तरह से काम नहीं कर पाता है। यह समसà¥â€à¤¯à¤¾ पà¥à¤°à¥‡à¤—à¥â€à¤¨à¥‡à¤‚सी की दूसरी तिमाही के आखिर और तीसरी तिमाही की शà¥à¤°à¥à¤†à¤¤ में देखी जाती है।
​à¤à¤•à¥â€à¤Ÿà¥‹à¤ªà¤¿à¤• पà¥à¤°à¥‡à¤—à¥â€à¤¨à¥‡à¤‚सी
गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯ के बाहर जैसे कि फैलोपियन टà¥à¤¯à¥‚ब पर इंपà¥â€à¤²à¤¾à¤‚टेशन होने को à¤à¤•à¥â€à¤Ÿà¥‹à¤ªà¤¿à¤• पà¥à¤°à¥‡à¤—à¥â€à¤¨à¥‡à¤‚सी कहा जाता है। इसके लकà¥à¤·à¤£à¥‹à¤‚ में पीरियडà¥à¤¸ मिस होना, वैजाइनल बà¥â€à¤²à¥€à¤¡à¤¿à¤‚ग और पेट के निचले हिसà¥â€à¤¸à¥‡ में दरà¥à¤¦ होना शामिल है।
​कà¥â€à¤¯à¤¾ करें
अगर आपको à¤à¤¸à¤¿à¤¡ रिफलकà¥â€à¤¸, सीने में जलन और पेट में गैस बनने के कारण दरà¥à¤¦ हो रहा है तो आप दिनà¤à¤° में थोड़ा-थोड़ा कर के खाà¤à¤‚। धीरे-धीरे खाà¤à¤‚ और खाने को ठीक से पचाà¤à¤‚। आप मसालेदार और तैलीय खाना खाने से बचें।
​à¤à¤•à¥â€à¤¸à¤°à¤¸à¤¾à¤‡à¤œ करें
आप हलà¥â€à¤•े वà¥â€à¤¯à¤¾à¤¯à¤¾à¤® जैसे कि पैदल चलने को अपने रूटीन में शामिल करें। इससे आपका पाचन ठीक रहता है और अपच या गैस आदि नहीं होती है।
​कबà¥â€à¤œ पर काम करें
पà¥à¤°à¥‡à¤—à¥â€à¤¨à¥‡à¤‚सी में कबà¥à¤œ होना à¤à¤• आम समसà¥â€à¤¯à¤¾ है। इसे ठीक करने के लिठआप खूब सारा पानी पिà¤à¤‚। सेब, केला, दाल, रसà¤à¤°à¥€, मटर के दाने, और साबà¥à¤¤ गेहूं जैसे फाइबर यà¥à¤•à¥à¤¤ à¤à¥‹à¤œà¤¨ अपने आहार में शामिल करें।
| --------------------------- | --------------------------- |